हिंदी सिनेमा के प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन संगीत को स्वर्ग की भाषा बताते हैं। वह स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को सलाम करते हैं और कहते हैं कि वह संगीत की पुजारिन बन गई हैं। बुधवार को लता का 82वां जन्मदिन था। इस अवसर पर अमिताभ ने उन्हें संगीत में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए हृदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया।अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘जब वह गाती हैं तो ईश्वर से उनका सीधा सम्पर्क हो जाता है। हमारे वेदों और शास्त्रों में कहा गया है कि संगीत हमें ईश्वर के निकट ले जाता है। संगीत स्वर्ग की भाषा है। संगीत के बिना ईश्वर भी अधूरे हैं।’’ उन्होंने कहा कि कण-कण में संगीत है लेकिन ईश्वर ने उन्हीं को इसकी समझ का उपहार दिया है जिन्होंने खुद को इसमें पूरी तरह से समर्पित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि लता ने अपना पूरा जीवन संगीत को समर्पित किया है और वह संगीत के मंदिर की पुजारिन बन गई हैं। अमिताभ ने भारत की स्वर कोकिला कही जाने वाली लता को सलाम किया और दुआ मांगी कि आने वाले कई और साल तक हर कोई उनका जन्मदिन मनाता रहे।
उन्होंने कहा कि लता ने अपना पूरा जीवन संगीत को समर्पित किया है और वह संगीत के मंदिर की पुजारिन बन गई हैं। अमिताभ ने भारत की स्वर कोकिला कही जाने वाली लता को सलाम किया और दुआ मांगी कि आने वाले कई और साल तक हर कोई उनका जन्मदिन मनाता रहे।
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