सुनील ने कहा, ‘‘अभिनेता से निर्माता बनना मुश्किल रहा। निर्माता के काम में बहुत कुछ करना पड़ता है। यह मेरे लिए नहीं है, यह मेरा काम नहीं है। मैं एक तथ्य के रूप में यह जान गया हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस व्यवसाय में सम्बंध बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है। कई गलतफहमियां होती हैं और बहुत सा तनाव भी होता है। मुझे नहीं लगता कि मैं तनाव में रह सकता हूं।’’ वैसे उन्होंने यह नहीं बताया कि वह फिल्म निर्माण जारी रखेंगे अथवा नहीं।
सुनील ने 1992 में ‘बलवान’ में अभिनय कर बॉलीवुड में शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने ‘वक्त हमारा है’, ‘मोहरा’, ‘सुरक्षा’, ‘शस्त्र’, ‘रक्षक’, ‘कृष्णा’, ‘आक्रोश’ और ‘दस’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। सुनील किकबॉक्सिंग में ?लैक बेल्ट हैं। उन्होंने एक्शन व हास्यप्रधान फिल्मों के अलावा ‘बॉर्डर’ और ‘एलओसीः करगिल’ जैसी देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्मों में भी अभिनय किया है। वैसे सुनील का अंतिम लक्ष्य यह है कि लोग उन्हें एक अच्छे इंसान के रूप में याद रखें।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 20 साल का लम्बा समय फिल्मोद्योग में गुजारा है। यह मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है। मैंने दिल से और पूरी लगन के साथ काम किया। करियर में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन मैं चाहता हूं कि जब मैं फिल्मोद्योग से जाऊं तो लोग मुझे एक अभिनेता के रूप में याद रखने की बजाए एक अच्छे इंसान के रूप में याद रखें।’’ सुनील की बड़े पर्दे पर उतरने वाली अगली बड़ी फिल्म ‘चाय गरम’ होगी।
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