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हेट स्टोरी' में हर्षित का खूब चला जादू

बेहद कम समय में जिन युवा गायकों ने बुलंदियों को छुआ है, उनमें हर्षित सक्सेना एक हैं। एक रियलिटी शो में टॉप पर आने से रह गए इस गायक ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से एक मुकाम हासिल किया है। हेट स्टोरी उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। मगर हर्षित इससे पहले भट्ट बैनर की फिल्म मर्डर टू के एक हाल-ए-दिल गाकर ख्याल हो चुके थे। उस गाने के साथ हर्षित की किस्मत चमक गई। संयोग से उन्हें फिर निर्माता विक्रम भट्ट की फिल्म हेट स्टोरी से अपने आप को साबित करने का दूसरा मौका मिला है।

कोई दो राय नहीं कि महेश और विक्रम भट्ट नवागंतुकों को मौका देने में सबसे आगे हैं। हेट स्टोरी की नायिका पाउला डैम से लेकर संगीतकार व गायक हर्षित को लेकर फिल्म बनाने का जोखिम भट्ट बैनर ही ले सकता है। यों भी बंगाली बाला पाउला के हॉट सीन को लेकर फिल्म चर्चा मैं है। सिनेमा हॉल तक दर्शकों की भीड़ खिंचेगी तो उसका श्रेय पाउला के साथ हर्षित को भी जाएगा, जिन्होंने बेहद रोमांटिक ट्रैक रचे हैं। हेट स्टोरी के म्यूजिक एलबम में मूलतः तीन ट्रैक हैं। बाकी तीन के रीमिक्स वर्जन हैं। शब्दरचना कुमार की है। पहले गीत माहे जान को खुद संगीतकार हर्षित ने ही स्वर दिया है। कुमार ने बेहद प्यारा सा मीठा गीत रचा है- दिल ही बेजुबान, कहता पास आ मेरी जान... मुझको ओढ़ ले तू खुद पे अब जरा, मेरे होश में तू दुनिया भूल जा, चेहरा तेरा दिल में माहे जान...।

मर्डर टू के बाद हर्षित एक कदम आगे बढ़े हैं। यह रोमानी गीत सभी श्रोताओं को पसंद आएगा। उन्होंने बांसुरी, गिटार और पियानो का संतुलित प्रयोग कर संगीत को सुमधुर बना दिया है। इस ट्रैक का रॉक वर्जन भी सुना जा सकता है। मगर यह औसत है। हर्षित ने यहां इलेक्ट्रानिक गिटार का प्रयोग करने के साथ अपनी गायिकी की साफ्टनेस गायब कर दी है। अगर इसे रॉक वर्जन कहते हैं तो यही सही।

दूसरे गीत दिल कांच सा को सुन कर उदासी जरूर मन में छाती है मगर देर तक कसक बनी रहती है। गायक कृष्ण बेउरा ने इसे दिल से गाया है। तभी तो कुमार की लिखी शब्दरचना दिल पर चोट करती है- दिल कांच सा दिल कांच सा तोड़या, दिल टूटे तो जाने ना जोड़या, मेरा दर्द न तू पहचाने, क्यूं चोट लगे आ जाने कि पाया मोल तेरे इश्क दा,..। पंजाबी टच लिए यह गीत सीधे दिल में उतर जाता है। हर्षित ने इस ट्रैक के लिए बेहद ही मधुर संगीत रचा है। सूफी गीत गाने में सिद्धहस्त कृष्ण बेउरा ने कमाल का गाया है। इस गीत का रीप्राइज वर्जन (हर्ट एन सोल) भी सुनने लायक है। आखिर क्यों न हो, जब हर्षित खुद स्वर दे रहे हों तो यह खास होना ही चाहिए। उनकी गायिकी लाजवाब है। संगीत संयोजन यथावत रखने से यह कर्णप्रिय बन पड़ा है।

तीसरे ट्रैक रात में सुनिधि चौहान न मर्डर टू के गीत 'आ जरा' की याद दिला दी है। कोई दो राय नहीं कि सुनिधि चौहान बालीवुड की लाजवाब गायिका हैं। वह अपनी गायिकी से धूम मचा रही हैं। यही वजह है कि उनका कोई भी नया ट्रैक आता है, तो श्रोता ध्यान से सुनते हैं। और उसे सराहते हैं। मगर दुर्भाग्य से इस ट्रैक में रंग नहीं जमा पाईं, तो किसका दोष है! यों कुमार की रचना कहीं से कमतर नहीं है- आंखों में जो करवटें हैं, इन्हीं पे दिल में तेरी हसरतें हैं, आ जा छू ले पलकों को जरा, मुझसे मुझे चुरा ले, मुझको न हो मेरा पता, रात भर प्यार की आज बारिश करें, जिस्म से रूह तलक आ जा हम भी गले..। यों भी सुनिधि कुछ गाएं वह खास हो ही जाता है। यह औसत होते हुए भी कोई नई बात नहीं होगी। इस रोमांटिक गीत का रीमिक्स वर्जन भी सुना जा सकता है। संगीत के संयोजन का बदल जाना कुछ श्रोताओं को खटके, मगर सुनिधि के दीवाने इस ट्रैक को सुनना पसंद करेंगे।
कुल मिला कर हेट स्टोरी में गायक और संगीतकार हर्षित का जादू चला है। उन्होंने अपनी प्रतिभा और निरंतर मेहनत से मर्डर टू के बाद एक कदम और आगे बढ़ाया है। उनकी संगीत रचना और उनके खुद के गाए दो गीत नोटिस करने लायक हैं। संगीत और गायिकी दोनों क्षेत्र में यकीनन हर्षित का भविष्य है। विक्रम भट्ट ने जो उन पर भरोसा किया, वह कोई गलत नहीं था। हर्षित ने साबित किया कि आने वाला कल उसका है।

एलबमः हेट स्टोरी।
गीतकारः कुमार।
गायकः सुनिधि चौहान, हर्षित सक्सेना, कृष्णा बेउरा।
संगीतः हर्षित सक्सेना।
श्रेष्ठः दिल कांच सा, माहे जान।
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