जिया को मारता,प्रताड़ित करता था सूरज, ‘रेप’ करके कराया था ‘अबॉर्शन’… मुंबई. “मैं तुमसे बेपनाह मुहब्बत करती थी, बदले में मुझे क्या मिला…तुमसे प्यार करने का सिला मुझे गालियां, प्रताड़ना, रेप और बेरुखी के रूप में मिली..बावजूद इसके मैं सब सहती रही, तुमसे प्यार जो किया था….पर बदले में तुमने क्या दिया…बेवफाई, बेरुखी और रुस्वाई…जहां तुम्हारी दुनिया पार्टी और हसीन लड़कियों की आगोश तक सीमित थी, वहीं मुझे मेरे काम से लगाव था। मेरी जिंदगी में तो केवल तुम ही थे और मेरा करियर…मगर अब मैं ऐसे घुट-घुटकर और नहीं जी सकती…मैं अपने 10 साल के करियर को अलविदा कहते हुए इस दुनिया से दूर जा रही हूं। जब तुमं इसे पढ़ोगे, तब तक शायद मैं बहुत दूर जा चुकी हूंगी….। ”
कुछ यही अल्फाज रहे जिया खान के सुसाइड नोट के, जिसमें उसने अपनी मौत का चिट्ठा सबके सामने खोल दिया।
मुंबई में जिया खान की मां राबिया खान ने साहसिक कदम उठाते हुए जिया के 6 पन्ने के सुसाइड नोट को जगजाहिर कर दिया, जिसमें उसने साफ तौर पर सूरज पंचोली को अपनी मौत का कुसूरवार ठहराया है।
जिया की मां ने अपनी बेटी के उपर गुजरे प्रताड़ना के दौर पर बात करते हुए मीडिया के सामने साफ कर दिया कि उनकी लड़की ने किसी तरह की हताशा या फिर किसी आवेश में आकर मौत को गले नहीं लगाया है, बल्कि वह एक वीभत्स मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रही थी। इसने उसे पूरी तरह तोड़कर रख दिया था। इस सबके बावजूद वो किसी तरह इसका सामना कर रही थी, मगर सूरज की बेरुखी ने उसे आखिरकार आत्महत्या करने को मजबूर कर दिया।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए सारे वाकये के बारे में। साथ ही पढ़िए आखिर क्या लिखा था जिया ने सुसाइड नोट में? क्या थी जिया की वो दुखती रग, जिस पर एक चोट से वह कुछ इस कदर मजबूर हो गई कि उसने मौत को गले लगा लिया।
राबिया ने सीधे आरोप लगाया है कि जिया की जान आदित्य पंचोली के लड़के सूरज के बर्ताव के वजह से गई। सूरज ने जिया को आत्महत्या के लिए उकसाया। पुलिस मामले की तफ्तीश फिलहाल जारी रखे हुए है। इस पूरे मामले में जिया के लेटर की विश्वसनीयता पर भी उंगली उठ रही है, क्योंकि अभी फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आना बाकी है। पुलिस फिलहाल इस कशमकश के दौर से गुजर रही है कि आखिर सूरज इस केस में किस कदर लिप्त है।
