Recent Movies
Showing posts with label oh my god. Show all posts
Showing posts with label oh my god. Show all posts

फिल्म 'ओ माय गॉड' के सीक्वल में एक बार फिर साथ होंगे अक्षय और परेश रावल - Akshay kumar Paresh rawal to come together for oh my god 2

अक्षय कुमार और परेश रावल की जोड़ी ने 2012 में आई फिल्‍म 'ओ माय गॉड' में बेहतरीन एक्‍टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया था. एक बार फिर ये जोड़ी धमाल मचाने को तैयार है.

जी हां, बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता अक्षय कुमार अपनी सुपरहिट फिल्म 'ओ माय गॉड' के सीक्वल में काम करने जा रहे हैं. सूत्रों की माने तो इस फिल्‍म का निर्देशन फिल्‍म 'एयरलिफ्ट' के प्रोड्यूसर अश्‍विनी यार्डी ही करेंगे. लेकिन अभी फिलहाल फिल्‍म के डायरेक्‍टर का नाम सामने नहीं आया है. ऐसा बताया जा रहा है कि फिल्‍म की शूटिंग अगले साल शुरू हो जाएगी.

गौरतलब है कि अक्षय कुमार ने साल 2012 में अश्विनी यार्डी और परेश रावल के साथ मिलकर 'ओ माय गॉड' बनाई थी. फिल्म का निर्देशन उमेश शुक्ला ने किया था. फिल्म बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी. फिल्म में परेश रावल ने मुख्य भूमिका निभाई थी जबकि अक्षय कुमार ने भगवान कृष्ण का किरदार निभाया था.


Keywords : Akshay Kumar, Paresh Rawal, Oh My God 2, bollywood, upcoming film, Oh My God, ओ माय गॉड, ओ माय गॉड 2, अक्षय कुमार, बॉलीवुड, परेश रावल

मूवी: ओह माय गॉड


गुजराती रंगमंच से परेश रावल का नाता बहुत पुराना है। परेश ने बॉलिवुड में करियर के शिखर पर आने के बावजूद रंगमंच से रिश्ता नहीं तोड़ा। 'ओह माय गॉड' परेश के लोकप्रिय नाटक पर बेस्ड फिल्म है। परेश का यह नाटक गुजराती में खूब सराहा गया है। परेश अपने फैंस की डिमांड पर आज भी इस नाटक का मंचन अलग शहरों में करते हैं। नाटक की जबर्दस्त कामयाबी के बाद परेश ने पिछले साल नाटक पर फिल्म बनाने का फैसला किया और अपने इस प्रॉजेक्ट में अक्षय कुमार को भी लिया। अक्सर, नाटक पर बनी फिल्म में नाटकीयता का पुट दिखाई देता है, लेकिन डायरेक्टर उमेश शुक्ला ने ऐसा नहीं होने दिया। स्टार्ट टू फिनिश फिल्म कसी सिक्रप्ट, सशक्त डायलॉग और परेश के बेहतरीन अभिनय के चलते दर्शकों को बांधती है। बेशक, फिल्म में कई ऐसे सीन हैं, जिन्हें देख लगता है प्रड्यूसरों ने फिल्म पर पैसा लगाने में कंजूसी बरती है। जब किसी फिल्म में भगवान के असितत्व का सवाल आ जाए और विभिन्न धार्मिक गुरुओं के करोडों के फलते-फूलते कारोबार पर करारा कटाक्ष होता है तो ऐसी फिल्म का विरोध होना आम हो जाता है। वैसे, प्रड्यूसरों ने इस मुद्दे पर बेहद सावधानी बरतते हुए रिलीज़ से पहले दिल्ली मुंबई सहित कई शहरों में अलग-अलग धर्मों के गुरुओं को खास तौर से फिल्म दिखाई। बेशक फिल्म का सब्जेक्ट बेहद सटीक और फिल्म के सवांद ऐसे हैं, जो धर्म के ठेकेदारों और आडम्बरों पर कड़ा कटाक्ष करते है, वहीं इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि फिल्म में एक नास्तिक किरदार के माध्यम से ऐसा मेसेज दिया गया है, जिसकी आज समाज को सख्त जरूरत है।
Oh My God !!

कहानी: भगवान की मूर्तियों को प्राचीनकाल की बताकर ज्यादा कमाई करने वाला कांजी मेहता (परेश रावल) खुद नास्तिक है। कांजी भाई बाजार के चौराहे पर पक्षियों को दाना खरीदकर डालना नहीं भूलता, लेकिन वह भगवान को नहीं मानता है। एक दिन शहर में भूंकप का हल्का सा झटका आता है और पूरे शहर में जान-माल का कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन इस भूकंप में कांजी भाई की दुकान तबाह हो जाती है। कांजी भाई ने अपनी दुकान का बीमा करवाया हुआ है। कांजी मेहता को उस वक्त झटका लगता है, जब बीमा कंपनी भूकंप इंसान द्वारा नहीं, बलिक भगवान द्वारा आया है कहकर उसका दावा खारिज कर देती है। परिवार के विरोध के बावजूद कांजी भाई अदालत में भगवान के खिलाफ मामला दायर करता है। कांजी भाई का केस लेने को कोई वकील तैयार नहीं होता और वह अपने केस की पैरवी खुद करता है। कोर्ट के सामने जबर्दस्त दलीलों के दम पर अदालत में अपनी दुकान की तबाही के लिए भगवान को जिम्मेदार बताते हुए सभी धार्मिक गुरुओं को कानूनी नोटिस भेजता है। कांजी भाई की जबर्दस्त बहस और दलीलों के आधार पर अदालत उसे भगवान के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देती है। कटटरपंथी धार्मिक संगठन और धार्मिक गुरू कांजी भाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं। अदालत के गेट के बाहर सैकड़ों की भीड़ कांजी भाई को मारने के लिए उसके पीछे भागती है, तभी एक चमत्कार से कांजी भाई खुद को बाइक पर बैठा पाता है। हवा से बातें करती अजीबोगरीब बाइक चलाकर उसे भीड़ से बचाने वाला शख्स खुद को गोकुल का कृष्ण वासुदेव यादव (अक्षय कुमार) बताता है।

ऐक्टिंग: पूरी फिल्म कांजी भाई और कृष्ण वासुदेव यादव यानी परेश रावल और अक्षय कुमार पर टिकी है। कांजी भाई के किरदार को परेश रावल ने बेहतरीन ढंग से निभाया है। अदालत में कांजी भाई की धर्म गुरुओं से बहस के सीन्स अच्छे हैं। भगवान यानी कृष्ण वासुदेव से कांजी भाई के तर्क के सीन दर्शकों की हर क्लास को बांधते हैं। मिथुन चक्रवर्ती, गोविंद नामदेव, महेश मांजरेकर प्रभावित करते है। 'थैंक यू' के बाद अक्षय कुमार एक बार फिर इस फिल्म में बांसुरी बजाते नजर आए, उनके चेहरे की मासूमियत और उसमें छिपी कुटिलता देखने लायक है।

डायरेक्शन : कसी स्क्रिप्ट, बेहतरीन अदाकारी और धार्मिक रूढ़िवाद और मान्यताओं पर प्रहार करते डायलॉग के दम पर उमेश शुक्ला शुरुआत से आखिर तक दर्शकों को बांधने में कामयाब हैं।

संगीत: सोनाक्षी-प्रभुदेवा पर फिल्माया गो गो गोविंदा गाना कई म्यूजिक चार्ट पर है। कैलाश खेर के गाए मेरे निशा गीत का फिल्मांकन अच्छा है।

क्यों देखें: अच्छा मेसेज, धर्म के उन ठेकेदारों पर कटाक्ष जो अपनी धर्म की दुकान चलाने के लिए क्या कुछ नहीं करते। परेश रावल का गजब अभिनय, अक्षय का अलग अंदाज कुछ ऐसा है कि आप पूरी फैमिली के साथ इस फिल्म को बेहिचक देख सकते हैं।


कलाकार : परेश रावल, अक्षय कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, महेश मांजरेकर, ओम पुरी

निर्माता : अश्विवनी यार्डी, परेश, अक्षयनिर्देशक : उमेश शुक्लागीत : हिमेश रेशमिया, सचिन- जिगर
अवधि : 135mins
मूवी टाइप : Comedy

ओह माय गॉड की कहानी ..



बैनर : एस. स्पाइस स्टुडियोज़, प्लेटाइम क्रिएशन्स, ग्रेजिंग गोट प्रोडक्शन्स, वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स
निर्माता : अक्षय कुमार, अश्विनी यार्डी, परेश रावल 
निर्देशक : उमेश शुक्ला 
संगीत : हिमेश रेशमिया, अंजान-मीत ब्रदर्स, सचिन-जिगर 
कलाकार : अक्षय कुमार, परेश रावल, मिथुन चक्रवर्ती, महेश मांजरेकर, गोविंद नामदेव, सोनाक्षी सिन्हा-प्रभुदेवा (आइटम नंबर) 
रिलीज डेट : 28 सितंबर 2012


कांजी मेहता की एक दुकान है जिसमें वे भगवान की मूर्तियां, लॉकेट, फोटो आदि बेचते हैं। पुरानी मूर्ति सस्ते दामों में खरीदते हैं और उन्हें वर्षों पुरानी बताकर एक का माल दस गुना में बेचते हैं। भगवान के अंधभक्त झांसे में आ जाते हैं। मजेदार बात तो ये है कि कांजी मेहता नास्तिक हैं। भगवान को वे मानते ही नहीं।

akshay kumar
akshay kumar


sonakshi sinha
एक दिन भूकंप आता है और पूरे शहर में सिर्फ कांजी की दुकान तबाह होती है। इसको लेकर लोग काफी आश्चर्य व्यक्त करते हैं। कांजी भाई ने बीमा करवाया हुआ है, जब वे क्लेम लेने जाते हैं तो ‘एक्ट ऑफ गॉड’ के तहत बीमा कंपनी उनका दावा ठुकरा देती है। कंपनी के मुताबिक भूकंप मनुष्य द्वारा नहीं बल्कि भगवान द्वारा आया है।

गुस्साया कांजी भगवान के खिलाफ अदालत में जाता है और अपना हर्जाना मांगता है। कांजी विभिन्न धर्मों के प्रमुखों को कानूनी नोटिस भेजता है जिससे लोग उसके खिलाफ हो जाते हैं। अदालत कांजी की भगवान के खिलाफ मुकदमा चलाने की बात मान लेती है। कांजी अपनी पैरवी खुद करता है।

अदालत से जैसे ही कांजी बाहर निकलता है वैसे ही लोग उसे मारने के लिए दौड़ते हैं। कांजी भागता है, लेकिन भीड़ उसके नजदीक पहुंच जाती है। अचानक एक व्यक्ति चमत्कारी तरीके से बाइक पर आता है और कांजी को बैठाकर सुरक्षित जगह ले जाता है। वह अपने आपको भगवान बताते हुए अपना नाम कृष्णा वासुदेव यादव बताता है। कांजी को उसकी बात पर विश्वास नहीं होता।

दूसरी सुनवाई में कांजी शानदार जिरह करता है, लेकिन वह तब फंस जाता है जब उसे ये साबित करने के लिए कहा जाता है कि भगवान का अस्तित्व है। आखिर कोई ये कैसे साबित कर सकता है? कांजी केस जीतता है या उसकी हार होती है, जानने के लिए देखना होगी ‘ओह माय गॉड’।