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IIFA में उड़ा सेंसर बोर्ड का मजाक - Taunts on cbfc in IIFA



आईफा समारोह की मेजबानी करते हुए अभिनेता फरहान अख्तर और शाहिद कपूर ने जमकर मसखरी की। उन्होंने सेंसर बोर्ड और उसके अध्यक्ष पहलाज निहलानी से लेकर पिछले साल हुए ‘राष्ट्रीय पुरस्कार वापसी’ विवाद तक सब पर चुटकी ली।

17वें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (आईफा) पुरस्कार समारोह के दौरान शाहिद ने कहा, 'पिछले साल कई विवाद हुए। पुरस्कार वापसी उसमें शामिल था। इसलिए इस बार हमने फैसला किया कि हम आईफा में पुरस्कार वापसी के लिए पुरस्कार देंगे। इसके लिए नामांकन इस तरह है - ‘भाग मिल्खा भाग’ के लिए फरहान, ‘बैंगिस्तान’ के लिए रितेश देशमुख, ‘थ्री इडियट्स’ के लिए बोमन ईरानी।' इस पर फरहान ने कहा, 'हैदर के लिए शाहिद कपूर। गौरतलब है कि इनमें से किसी को भी इन फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिला था।

सेंसर बोर्ड और अपनी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के बीच हाल में हुए विवाद को लेकर शाहिद ने सेंसर बोर्ड का भी मजाक उड़ाया। जब फरहान ने कहा, 'अब सेंसर बोर्ड की बात करते हैं' तो शाहिद ने उसमें सुधार करते हुए कहा, 'यह एक प्रमाणन बोर्ड है जिसका काम छांटना है, ना कि काटना।' शाहिद ने निहलानी को निशाने पर लेते हुए कहा, 'उनके (सेंसर बोर्ड) अनुसार हम फिल्म जगत के लोगों में कोई 'पहलाज और शर्म' नहीं है।

फिल्मों में गालियों के इस्तेमाल को लेकर अकसर उनमें कांट छांट करने वाली सीबीएफसी के संबंध में फरहान ने कहा कि इसे वह ‘बीपोमेनिया’ नाम देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही चलता रहा तो फिल्मों में संवाद की जगह जल्द हीं केवल बीप होंगे। समारोह में विवादों को हीं मजाक का विषय नहीं बनाया गया बल्कि शाहिद ने खुद पर भी मजाक किया। पिछले साल अपनी शादी की खबर से सबको हैरान करने वाले 35 साल के अभिनेता ने कहा, 'पिछले साल का सबसे बड़ा विवाद मेरी शादी थी।' शाहिद की पत्नी मीरा इस समय गर्भवती हैं। अभिनेता ने कहा, 'सबसे बड़ा तहलका है कि मैं बाप बनने वाला हूं।'

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नए मेहमान के इतजार में मीरा और शहीद - Shahid and Mira expecting their first child

बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर और मीरा राजपूत के पहले बच्चे की अफवाहें उड़नी शुरू हो गई  है , मीरा भी सार्वजनिक जगहों पर नहीं दिख रही है ।

हाल ही में, एक लंबे समय के बाद मीरा डिजाइनर अनिता डोंगरे के लक्मे फैशन वीक में दिखाई दी थी। एक हल्के पिंक कलर के ड्रेस में मीरा ग्लो कर रही था। और उसके सूट में उनका बेबी बम्प थोड़ा थोड़ा  दिखाई दे रहा था।

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फिल्म रंगून के लिए शाहिद का नया लुक - To See Shahid Kapoor’s New Look For Rangoon!


शाहिद कपूर अपने फिल्म में  रोल के अनुसार तैयार होने के लिए जाने जाते है । या यु कहे की शाहिद किसी भी रोल में जान डालने में कोई कसर नही छोड़ते है।  अभी बॉलीवुड अभिनेता शहीद फिल्म रंगून के लिए शूटिंग कर रहे है , इस  फिल्म में अभिनेता के लिए एक मूंछें खेल होगा ।

हालांकि, हाल ही में फिल्म के सेट पर एक फोटो क्लिक किया गया जिसमे शहीद का एक भद्दा अवतार दिख रहा है । इसमें शहीद कैरिबियन के समुद्री डाकू से जॉनी डेप के जैसा दिख रहे है।


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फिल्म 'शानदार' के परिणाम से खुश नहीं हैं आलिया - Alia is not happy with the outcome of the film Saandaar


बॉलीवुड की फिल्म 'शानदार' बॉक्स ऑफिस पर अभिनेत्री आलिया भट्ट के उम्मीदों पर खरी नही उतरी इसका उन्हें दुःख है लेकिन दूसरी तरफ आलिया को अपनी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ने का कोई गम भी नही है। 'शानदार' की असफलता के बारे में पूछे जाने पर आलिया ने कहा, "जाहिर है, जो भी फिल्म के साथ हुआ उससे मैं खुश नहीं हूं। अगर फिल्म अच्छी नहीं होती तो मैं इसमें काम ही नहीं करती।" उन्होंने कहा, "मैं किसी पर दोष नहीं दे सकती। जब मैंने फिल्म के लिए हामी भरी तो मैं खुश थी और अभी भी मुझे कोई मलाल नहीं। जो भी कुछ हुआ ठीक है, अब मैं मेहनत कर रही हूं।"

आलिया, धर्मा प्रोडक्शंस की आगामी फिल्म 'कपूर एंड संस' में सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ नजर आएंगी। आलिया ने कहा, "धर्मा प्रोडक्शंस के साथ काम करना घर वापस आने जैसा है। यह मेरे लिए परिवार जैसा है। करण (जौहर) बहुत अच्छे पिता हैं। वह मेरे पापा जैसे हैं जो मुझे काफी समय देते हैं, इससे पहले जब मैं नई थी तब सिद्धार्थ के साथ काम किया था, उस समय मैं नर्वस थी, लेकिन अब हमारी बहुत अच्छी दोस्ती है।"

शकुन बत्रा द्वारा निर्देशित फिल्म 'कपूर एंड संस' 18 मार्च को रिलीज होगी।

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Movie Review: 'शानदार'

फ़िल्म- शानदार
निर्माता- फॉक्स स्टार स्टूडियो और फैंटम
निर्देशक- विकास बहल

संगीतकार -
अमित त्रिवेदी

कलाकार- शाहिद कपूर, आलिया भट्ट ,पंकज कपूर ,सना कपूर और अन्य

रेटिंग-
दो

हिंदी सिनेमा में शादी पर  कई फिल्मों की कहानी ,गीत और दृश्य बुने गए हैं. विकास बहल की यह फ़िल्म डेस्टिनेशन वेडिंग यानि दूर कहीं किसी जगह पर फॅमिली और दोस्तों के साथ मिलकर भव्य शादी के इनदिनों चर्चित फॉर्मूले पर आधारित है। दो यूरोप  के अमीर परिवार हैं. जिनके बच्चों के बीच शादी हो रही है। शादी के प्लानर जोगिन्दर (शाहिद ) हैं और आलिया की बहन की शादी हो रही हैं. इस शादी में आलिया और जोगिन्दर एक दूसरे के करीब आ जाते  हैं. आलिया के पिता बिपिन (पंकज कपूर) को इससे  ऐतराज़ है. ऐसे में  इनके प्यार को कैसे स्वीकृति मिलती है यही इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म की कहानी है।  फ़िल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा एंटरटेनिंग ज़रूर है।सेकंड हाफ के बाद कहानी में बिखराव नज़र आता है। दृश्यों का खुद में सामंजस्य नज़र नहीं आता है.

स्क्रीनप्ले की खामियां फिल्म को बोझिल बना जाती हैं. क्वीन जैसी सशक्त विषय पर  फिल्म बना चुके विकास बहल की यह फिल्म है इस बात पर ज़रूर अचरज होता है. फिल्म का क्लाइमेक्स थोपा जान  पड़ता है. फिल्म में सिर्फ भव्यता का ध्यान रखा गया है. फिल्म की कॉमेडी भी कुछ दृश्यों को छोड़ गुदगुदाती नहीं है. कई सीन ज़बरदस्ती के बनाए लगते हैं मेहँदी विद करन  एक ऐसा ही  दृश्य है. फ़िल्म में पहली बार शाहिद कपूर और आलिया भट्ट की जोड़ी बनी है जो किसी विज़ुअल ट्रीट से कम नहीं है.

फ़िल्म में उनकी जोड़ी बहुत फ्रेश और क्यूट लग रही है जिससे उनकी बीच के इनकार इकरार के दृश्य खास बन गए हैं. आलिया  भट्ट और शाहिद कपूर ने अपने दिए गए दृश्यों में पूरी मेहनत की है. पंकज कपूर उम्दा अभिनेता हैं फिर स्क्रिप्ट चाहे जैसी भी हो वह अपना जादू चला ही देते हैं लेकिन इन कलाकारों का उम्दा अभिनय भी फिल्म को बचा नहीं पाता है. पंकज कपूर की बेटी सना इस फ़िल्म से अपने कैरियर की शुरुवात की है.पहली फ़िल्म होने के नाते वह अच्छा कर गयी हैं हाँ वह और अच्छा कर सकती थी.

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है खासकर क्लाइमेक्स में। फिल्म में करन जोहर फिर से अभिनय करते दिख रहे हैं.बतौर अभिनेता वह कई बार परदे पर नाकामयाब हुए हैं लेकिन फिर भी वह लगातार नज़र आ रहे  हैं फिल्मों में यह बात समझ नहीं आती है. अमित त्रिवेदी का संगीत अच्छा है. फिल्म के मुड को बखूबी दर्शाता है. फ़िल्म के कई गीत पहले ही हिट हो चुके हैं. फिल्म के सवांद औसत हैं. फिल्म विदेश में शूट हुई है इसलिए फिल्म के लोकेशन बहुत खूबसूरत हैं  कुलमिलाकर फिल्म अपने नाम के विपरीत है हाँ फिल्म का गीत तो रायता फ़ैल गया ज़रूर इसका सटीक शीर्षक साबित होता है.






फटे पोस्टर से अब निकला रैंबो!


अभी थियेटर से ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’ उतरी भी नहीं है कि शाहिद की फिल्म ‘आर... राजकुमार’ का नया ट्रेलर आ गया. देखने में बिल्कुल एक जैसा.. बस थोड़ा एक्शन ज्यादा, कॉमेडी कम और बन गई फिल्म. हवा में उड़ती कारें, सिर पर फूटती बोतलें, कारों के चकनाचूर होते शीशे, बदन पर टूटती लाठियां और घूसों से हिलते चेहरे. प्रभुदेवा के एक्शन की यही परिभाषा है और इस बार सलमान या अक्षय की जगह उन्होंने शाहिद को खड़ा कर दिया है. इसलिए अगर हर शॉट में दूसरे हीरो की याद आए तो इसमें शाहिद का कोई कसूर नहीं है! इस ‘आर... राजकुमार’ के नाम के पीछे की थ्योरी ये है कि पहले फिल्म ‘रैंबो राजकुमार’ के नाम से रिलीज होने वाली थी लेकिन रैंबो बनाने वालों ने फिल्म बनाने के लिए ‘रैंबो’ का कॉपीराइट ले रखा है इसलिए ‘रैंबो राजकुमार’ से कुछ अक्षर हटाकर ‘आर... राजकुमार’ कर दिया है. बॉलीवुड में जुगाड़ का ये नया फंडा है! अभी पोस्टर फाड़कर हीरो निकला था, इस बार फटे पोस्टर से रैंबो बाहर आया है. स्टाइल भी वैसा ही है बस फर्क ये है कि तब राजकुमार संतोषी लेकर आए थे और अब प्रभुदेवा की बारी है! एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर दी उसके बाद तो मैं खुद की भी नहीं सुनता. चार साल बॉलीवुड में निर्देशक बनने उतरे डांसमास्टर प्रभुदेवा की स्टाइल का यही सार है. इसलिए जब भी उनकी फिल्मों, एक्शन की चर्चा होती है ये डायलॉग जुबान पर आ ही जाता है. सलमान के करियर को बुलंदियों पर पहुंचा देने वाले प्रभुदेवा ने डांस पर एक्शन के कपड़े पहनाए कॉम्बो गजब का हो गया. फिलहाल शाहिद की जुबान से भी कई चालू डायलॉग ऐसे ही सुनाई देते हैं. साइलेंट हो जा वर्ना मैं वॉयलेंट हो जाऊंगा. गुस्से से बोलेगी नहीं जाऊंगा.. प्यार से बोलेगी मर भी जाऊंगा. हिट फिल्म के लिए तरसते इस चॉकलेटी हीरो ने पिछले चार साल में सारे तरीके आजमा लिए लेकिन एक भी फिल्म नहीं चली. 2009 में आई ‘कमीने’ के बाद बॉलीवुड ने शाहिद में ‘एक्टर’ की झलक देखी थी लेकिन गलत फिल्मों के चुनाव ने इस ‘कमीने’ को भुला दिया! उसके बाद आई ‘मौसम’ की कद्र इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि थियेटर में फिल्म खत्म होते-होते ही कई मौसम बीत गए और ‘तेरी-मेरी कहानी’ जैसी फिल्मों में काम करने के लिए शाहिद को दर्शकों से सॉरी बोलना चाहिए! राजकुमार संतोषी के साथ ‘फटा पोस्टर...’ करते हुए शाहिद को उम्मीदें तो बहुत थीं लेकिन फिल्म बमुश्किल अब तक अपनी लागत निकाल पाई है.. कुल जमा अब शाहिद का सबकुछ इसी ‘राजकुमार’ पर टिका है! हिट के लिए प्रभुदेवा के दर पर पहुंचे शाहिद की इस फिल्म में भी कुछ नया दिख नहीं रहा. लेकिन जैसा ‘वांटेड’ और ‘राउडी राठौड़’ जैसी एक्शन फिल्म बना चुके प्रभुदेवा से उम्मीद की जा रही है, बेसिरपैर का एक्शन इसमें भी भरा पड़ा है. ऐसे में अगर दो-चार डायलॉग चल गए और एक-दो ठुमके हिट गए तो शायद शाहिद की गाड़ी दोबारा पटरी पर आ जाए. इश्क करने के लिए शाहिद को ऐसे डायलॉग ही दिए गए हैं. मेरी लाइफ में सिर्फ दो चीज है... प्यार... प्यार... प्यार या मार.. मार... मार. मैं पैसे के लिए कुछ भी कर सकता हूं तो सोच मैं अपने प्यार के लिए क्या-क्या करूंगा. दस साल के फिल्मी करियर में शाहिद कपूर की अब तक 21 फिल्में रिलीज हुईं हैं. इनमें यादगार रही हैं सिर्फ एक ‘कमीने’.. इसके अलावा इम्तियाज अली की ‘जब वी मेट’, सूरज बाड़ताज्या की ‘विवाह’ और पहली फिल्म ‘इश्क विश्क’ में शाहिद के काम की तारीफ हुई है. लेकिन इतने लंबे करियर में शाहिद कभी सही ट्रैक पर नहीं चल सके. एक अच्छी फिल्म के बाद पांच बुरी फिल्में उनके लिए इंतजार कर रही होती थीं और इस तरह वो जहां से शुरू हुए थे वहीं पहुंच जाते थे. फिल्मी घराने में पैदा हुए शाहिद ने कैमरे को पहली बार तब देखा था जब साथ में शाहरुख-काजोल-रानी मुखर्जी थे. पेप्सी के विज्ञापन के लिए और बड़े पर्दे पर एक्स्ट्रा कलाकार के तौर पर ऐश्वर्या के पीछे खड़े थे डांसर बनकर. ये सोचकर हैरानी होती है कि इस तरह के संघर्ष के बावजूद शाहिद सीख नहीं पाए और वही गलतियां दोहराते रहते हैं. इस बार तो लक्षण शुरू से ही खराब दिख रहे हैं. ट्रेलर में शाहिद अपना नाम इस तरह से बताते हैं... नाम क्या है... राजकुमार... पूरा नाम छह दिसंबर को सुन लेना.

शाहिद कपूर करेंगे प्रभुदेवा की अगली फिल्म


shahid kapoor

लगातार असफल फिल्म देने वाले शाहिद कपूर के लिए यह राहत की बात है कि वे हिट फिल्म निर्देशित करने वाले प्रभुदेवा की अगली फिल्म ‘नमक’ में होंगे। वैसे कुछ दिनों पहले ही इस तरह की खबर आई थी, लेकिन शाहिद ने तब इसका खंडन ‍किया था। ‘कमीने’ में शाहिद का अभिनय देख प्रभुदेवा बेहद प्रभावित हुए थे और उसी के बाद से वे शाहिद के साथ फिल्म करना चाहते थे। वांटेड और राउडी राठौर जैसी मसालेदार फिल्म बना चुके प्रभुदेवा की फिल्म ‘नमक’ में भी मनोरंजन का तड़का रहेगा। यह एक एक्शन मूवी होगी और इसमें मध्यप्रदेश में चल रहे ड्रग कारोबार को दिखाया जाएगा।

100 करोड़ क्लब का पैमाना गलत : शाहिद


नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ की कमाई को बेशक फिल्म के हिट होने का पैमाना माना जाने लगा हो लेकिन शाहिद कपूर इसे एक चलन से ज्यादा कुछ नहीं मानते। उनका कहना है कि फिल्मों को सिर्फ इसी आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए।

शाहिद कहते हैं, 100 करोड़ क्लब एक सनक भर है जो कि पिछले तीन सालों से इंडस्ट्री में है। इस वर्ग में आने वाली फिल्में एक अलग शैली की होती हैं और उनमें वही अभिनेता काम करते हैं जो पिछले 20 सालों से इंडस्ट्री में हैं। देश के दिल तक पहुंचने में कुछ वक्त लगता है।

Shahid kapoor

दबंग, बॉडीगार्ड और द डर्टी पिक्चर जैसी फिल्मों ने 100 करोड़ से भी ज्यादा कमाई करके एक ऐसा मील का पत्थर खड़ा कर दिया है, जिसे पार करना काफी मुश्किल है। 

शाहिद कहते हैं कि ये सभी बड़े दर्शक वर्ग की फिल्में थीं जिनमें आधारभूत समझ और बहुत सा मनोरंजन था। लेकिन अगर हम सिर्फ आंकड़ों के पीछे ही भागते रहे तो हम अभिनेताओं के तौर पर खुद को रोक लेंगे।

तेरी मेरी कहानी के प्रमोशन के दौरान शाहिद ने कहा, मुझे लगता है कि फिल्म बनाने का अकेला मकसद सिर्फ यही नहीं हो सकता। हमे खुद को अलग-अलग स्थितियों में खोजना है। 

शाहिद की पिछली फिल्म मौसम बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं कर पाई थी। उनकी अगली फिल्म कुनाल कोहली के निर्देशन में बनने वाली ह्यतेरी मेरी कहानी है। इसमें शाहिद के साथ प्रियंका दिखाई देंगी। इस फिल्म में शाहिद 1910, 1960 और 2012 के तीन अलग-अलग किरदार निभाते हुए नजर आएंगे।

शाहिद होस्ट करेंगे आईफा


मुंबई। इस वर्ष 13 वें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकादमी (आईफा) पुरस्कार शाहिद कपूर होस्ट करेंगे। इसमें बिपाशा बसु, सोनाक्षी सिन्हा और शाहिद कपूर के लिए नृत्य की कोरियोग्राफी करने के अलावा प्रभुदेवा खुद में इस साल अपना नृत्य पेश करेंगे।

Shahid Kapoor

शाहिद इस बार पहली बार इस पुरस्कार समारोह को होस्ट करेंगे। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए होस्ट करने और परफार्म करने के लिए बड़ा मंच है। मैं घबराया हुआ हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह पुरस्कार समारोह को होस्ट करने के दौरान फिल्म उद्योग के मित्रों और साथियों पर व्यक्तिगत तौर पर निशाना नहीं साधना चाहेंगे।

shihid Kapoor

शाहिद के अतिरिक्त बिपाशा, सोनाक्षी और गायक मिका भी अगले महीने होने वाले इस पुरस्कार समारोह में परफॉर्म करेंगे। 13 वां आईफा पुरस्कार समारोह सात जून से 9 जून तक सिंगापुर में चलेगा।

कपूर खानदान देखेगा शाहिद की फिल्म!


फिल्म निर्देशक कुणाल कोहली अपनी आने वाली फिल्म तेरी मेरी कहानी की स्क्रीनिंग पर कपूर खानदान को खास न्योता भेजने वाले हैं। फिल्म में शाहिद कपूर शम्मी कपूर के अवतार में नजर आएंगे। फिल्म के एक गीत में शाहिद शम्मी कपूर की तरह डांस करते दिखेंगे।

shahid kapoor ,priyanka
फिल्म में शाहिद के साथ प्रियंका चोपड़ा मुख्य अभिनेत्री की भूमिका में होंगी, जो फिल्म में गीता बाली की तरह नजर आएंगी। वहीं शाहिद का कहना है, किसी स्टार के किरदार को हूबहू पर्दे पर निभाना अपने आप में काफी मुश्किल है। 


priyanka ,shahid

हालांकि मैंने उनके साथ कुछ समय जरूर बिताया था, लेकिन किरदार के साथ न्याय करने के लिए मैंने कपूर खानदान की डीवीडी का भी सहारा लिया है। ये दूसरा मौका है जब शाहिद और प्रियंका एक साथ किसी फिल्म में नजर आएंगे। इससे पहले दोनों कमीने में एक साथ नजर आए थे।

क्या रणबीर और शाहिद से सोनाक्षी बड़ी लगती हैं?


Sonakshi sinha

रणबीर कपूर और शाहिद कपूर ने पिछले दिनों दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा के साथ फिल्म करने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लगता है कि सोनाक्षी उनसे उम्र में बड़ी नजर आती हैं। जबकि सोनाक्षी इनकी हमउम्र हैं। सोनाक्षी इस समय ज्यादातर उन हीरो के साथ काम कर रही हैं जो चालीस पार हैं। इनमें अजय देवगन, अक्षय कुमार और सलमान खान शामिल हैं।

सोनाक्षी को उनके नजदीकियों ने सलाह दी कि उन्हें रणबीर और शाहिद जैसे हीरो के साथ काम करना चाहिए वरना उन पर ऐसी हीरोइन का ठप्पा लग जाएगा जो उम्रदराज हीरो के साथ ही काम करती हैं। सोनाक्षी ने रणबीर और शाहिद के साथ फिल्म करने में रूचि दिखाई, लेकिन उन्होंने सोनाक्षी के साथ काम करने से इनकार कर दिया। 

सोनाक्षी को इस बात का बुरा नहीं लगा कि रणबीर और शाहिद उनके साथ फिल्म नहीं कर रहे हैं बल्कि उम्र वाली बात बोलकर उन्होंने सोनाक्षी का दिल तोड़ दिया। उम्र वाली बात तो किसी भी लड़की को बुरी लग सकती है। वैसे सोनाक्षी खुश हैं कि वे रणवीर और इमरान खान जैसे युवा नायकों के साथ फिल्म कर रही हैं।

मौसम: रूह में धुआं-सी लगती फिल्‍म

निर्देशकः पंकज कपूर

कलाकारः शाहिद कपूर, सोनम कपूर, सुप्रिया पाठक, अनुपम खेर

अभिनेता पंकज कपूर की पहली निर्देशकीय फिल्म उनके अपने स्वभाव जैसी हैः कम और काम का बोलना, भावों से ज्‍यादा कहना. मौसम एक नितांत संजीदा प्रेम/त्रास कथा है.

एक जैविक-से कैनवस पर चुप्पियों की निब-पेंसिल से उकेरी हुई. नाटकीय मोड़ भी ऊंट के कूबड़ से उभरे न होकर बाल में दानों से गुंथे-बिंधे. एक भांगड़ा है, जो इस लय और टेंपरामेंट में थोड़ी-सी लपलपी/ विचलन पैदा करता है.

मल्लूकोट के सरसों दे खेतां विच पला-कढ़ा दौड़ाक मुंडा हैरी (शाहिद) गमगीन पर गुनगुनी मुस्कान वाली आयत (सोनम) को देखकर जैसे होश ही खो देता है. ''पहली ही तकनी में बन गई जान पे.'' कश्मीर से विस्थापन की मारी आयत मल्लूकोट, मुंबई, स्कॉटलैंड, अहमदाबाद आदि का एक लंबा सफर तय करती है. हैरी उसके पीछे है और दर्शक भी.

कश्मीर, अयोध्या, मुंबई, करगिल, गुजरात के कांड इस कहानी को आग भी देते हैं और पर्याप्त धुआं भी. बतौर लेखक पंकज कपूर ने इस धुएं को अगियार की तरह पूरी कहानी में यकसां पसारा है. माहौल में भी और संवादों में भी. इसके लोकेल्स और सेट्स के लिए, हाल ही दिवंगत कला निर्देशक समीर चंदा याद किए जाएंगे.

संवादों की संक्षिप्तता देखिएः ''सलाम बुआ, सलामत रहो बी.'' और उनमें कविताः ''मुझे ऐसा कोई नशा मं.जूर नहीं जो वक्‍त के साथ उतर जाता हो.'' इरशाद कामिल के गाने नैरेटिव को जैसे हथेली पर लेकर चलते हैं: ''तेरा शहर जो पीछे छूट रहा, कुछ अंदर-अंदर टूट रहा.''

तमाम सामाजिक रिश्तों की धड़कन लगातार यहां महसूस की जा सकती है. शाहिद ने तो खैर उम्दा किया ही है, सोनम की हंसी और जबान को संयमित कर पंकज ने इस अभिनेत्री को नई .जिंदगी दी है.

गंभीर अभिनेता की कतार में शाहिद कपूर

अभिनेता शाहिद कपूर ‘इश्क विश्क’ से ‘मौसम’ के अपने 10 साल के फिल्मी सफर के दौरान गम्भीर अभिनेता बन गए हैं। आज शाहिद अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हैं जब वह स्टूडियों के चक्कर लगाते थे। शाहिद का मानना है कि ‘मौसम’ में हरिंदर सिंह का किरदार अभिनेता के रूप उनके जीवन से मिलता है। इस फिल्म के द्वारा शाहिद के पिता एवं मशहूर अभिनेता पंकज कपूर ने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा है। अपने बीते दिनों को याद करते हुए शाहिद का कहना है कि आज वह जिस जगह हैं 10 साल पहले वह वहां पहुंचने के लिए सपने देखा करते थे। करियर की शुरुआत में वह असमंजस में थे लेकिन अब जानते हैं कि क्या करना है।
बेहतरीन डांसर शाहिद का कहना है कि जब उन्होंने करियर शुरू किया था तो वास्तव में कुछ नहीं जानते थे। उनके पास अभिनय के प्रति केवल जुनून था। शाहिद का मानना है कि अभिनय को ही वह दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। लेकिन करियर के शुरुआती चार-पांच साल में वह असमंजस में थे। उन्हें सही गलत के विषय में बताने वाला कोई नहीं था।
शाहिद को अभी भी अपने पिता की दी गई नसीहत याद है। पिता पंकज कपूर ने अभिनेता होने के बावजूद शाहिद को खुद गलतियां करके सीखने की सलाह दी। शाहिद ने भी वही किया। शाहिद का कहना है कि काम वही करो जो तुम चाहते हो। भूल जाओ कि काम क्या होगा। इस तरह वह फिल्में करने लगे और उनका करियर एक आकार लेता गया।
शाहिद का कहना है कि वह चार-पांच साल पहले इस तरह काम करना शुरू किया और आज वह अपनी सफलता पर बहुत खुश हैं। अपने काम से संतुष्ट हैं। शाहिद की सफल फिल्मों में ‘विवाह’, ‘बदमाश कम्पनी’, ‘जब वी मेट’, और ‘बदमाश कम्पनी’ हैं। ‘मौसम’ में भी उन्होंने वही किया जो उनके पिता ने करने के लिए कहा था। शाहिद का मानना है कि निर्देशन के क्षेत्र से वह फिलहाल दूर रहेंगे। पिताजी को फिल्म निर्माण के दौरान तनाव से गुजरते देखा है निर्देशन में उनकी कोई रुचि नहीं है।
शाहिद के सितारे आज सातवें आसमान पर हैं लेकिन शुरुआत में उन्हें काफी संघर्ष भी करना पड़ा था। शाहिद का ग्लैमर जगत में प्रवेश विज्ञापनों और म्यूजिक वीडियो से हुआ। केन घोष निर्देशित इश्क विश्क के साथ शाहिद कपूर का पदार्पण हिन्दी फिल्मों में हुआ और उसके बाद तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कपूर के छोटे से फिल्मी कैरियर की सबसे उल्लेखनीय फिल्म विवाह है। विवाह के बाद शाहिद के कैरियर को नई ऊंचाई मिली। वह गंभीर अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। 2007 में आई फिल्म “जब वी मेट” के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर के लिए नामांकित भी किया गया था। इसके अलावा 2009 में आई "कमीने" भी बहुत सफल फिल्म रही। शाहिद कपूर ने 2010 में भी “बदमाश कंपनी” में बहुत अच्छा काम किया है।